यह सफर,
उस जिंदगी का,
जिसे जीने के लिये,
बहाना है पसीना अपना,
सींचना है कुछ ख्वाबों को,
अपने गर्म लहू से,
और मरना है,
हर रोज,
जीने के लिये !!

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